वाराणसी से रामनगर किले की यात्रा गंगा के पूर्वी तट पर, तुलसी घाट के सामने बने 18वीं सदी के किले तक की एक स्थानीय सैर है। यहाँ आप पुराने शाही निवास, इसके संग्रहालय और किले के भीतर मौजूद मंदिरों को देख सकते हैं। संग्रहालय में प्रवेश से जुड़ी प्रकाशित जानकारी अलग-अलग है, इसलिए रवाना होने से पहले इसकी पुष्टि कर लें।
- स्थान: गंगा का पूर्वी तट, तुलसी घाट के सामने।
- होटल पद्मिनी इंटरनेशनल से: लगभग 6 किमी; कार से करीब 29 मिनट या पैदल 64 मिनट लगते हैं।
- संग्रहालय: आधिकारिक सूचियों में खुलने के समय और प्रवेश शुल्क अलग-अलग दिए गए हैं।
- परिसर में: शाही संग्रहालय, एक खगोलीय घड़ी और कई मंदिर।

गंगा के उस पार किले का स्थान

रामनगर किले में क्या देखें
किले की दीवारों के भीतर शाही इतिहास, संग्रहालय और कई मंदिर एक साथ देखने को मिलते हैं। बनारस के शाही परिवार के शाही संग्रहालय में पुरानी गाड़ियाँ, मध्यकालीन वेशभूषा, शाही पालकियाँ, आभूषण, कवच, किमख़ाब के रेशमी वस्त्र, वाद्ययंत्र और शाही चित्र प्रदर्शित हैं।
खगोलीय घड़ी देखना न भूलें। यह वर्ष, महीना, सप्ताह, दिन और समय के साथ-साथ सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों से जुड़ी खगोलीय जानकारी भी दिखाती है। किले में वेदव्यास, दुर्गा, छिन्नमस्तिका और दक्षिणमुखी हनुमान को समर्पित मंदिर भी हैं।
ये सभी दर्शनीय स्थल किले के भीतर हैं, इसलिए एक ही यात्रा में संग्रहालय और मंदिरों को देखा जा सकता है। दिन के बाकी कार्यक्रम तय करते समय संग्रहालय घूमने के लिए बताए गए समय को ध्यान में रखें।
संग्रहालय के खुलने का समय और प्रवेश शुल्क क्या है?

संग्रहालय की आधिकारिक जानकारी अलग-अलग है, इसलिए यात्रा से पहले मौजूदा व्यवस्था की पुष्टि कर लें। काशी की आधिकारिक सूची में समय 09:30–17:30 दिया गया है। उत्तर प्रदेश एनआरआई विभाग मौसमी समय बताता है: अक्टूबर से फ़रवरी तक 10:00–17:00, और मार्च से सितंबर तक 09:00–12:00 तथा 14:00–18:00।
भारत सरकार की म्यूज़ियम ऑफ़ इंडिया सूची के अनुसार, संग्रहालय सप्ताह के सातों दिन खुला रहता है और समय 10:00–17:00 है। इसमें प्रवेश शुल्क भारतीय आगंतुकों के लिए ₹50, 5–12 वर्ष के भारतीय बच्चों और विद्यार्थियों के लिए ₹20, विदेशी आगंतुकों के लिए ₹200 और 5–12 वर्ष के विदेशी बच्चों के लिए ₹100 दिया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश एनआरआई विभाग वयस्कों के लिए ₹12 और बच्चों के लिए ₹6 प्रवेश शुल्क बताता है।
बंद रहने के दिनों की जानकारी भी अलग-अलग है: उत्तर प्रदेश एनआरआई विभाग मुहर्रम और विजयादशमी का उल्लेख करता है, जबकि म्यूज़ियम ऑफ़ इंडिया दशहरा और मुहर्रम बताता है। म्यूज़ियम ऑफ़ इंडिया के अनुसार, संग्रहालय घूमने में 3–4 घंटे लग सकते हैं। फ़ोटोग्राफ़ी और वीडियो बनाना मना है। संग्रहालय में व्हीलचेयर की सुविधा नहीं है। शौचालय और पीने का पानी उपलब्ध हैं, लेकिन पार्किंग, लॉकर, संग्रहालय की दुकान और कैफ़ेटेरिया नहीं हैं।
वाराणसी से रामनगर किले कैसे पहुँचें?

किले का पता है: रामनगर किला, वाराणसी रोड, रामनगर, उत्तर प्रदेश 221008। स्थानीय परिवहन से जुड़ी व्यावहारिक सलाह के लिए वाराणसी में आवाजाही की जानकारी देखें। इससे नदी पार करने और अपनी यात्रा में किले को शामिल करने की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
रामनगर किले की यात्रा के साथ और क्या देख सकते हैं?
नदी किनारे किले की स्थिति के कारण नाव से पहुँचना यात्रा का स्वाभाविक हिस्सा लगता है, हालांकि 30 मिनट की इस सवारी को नियमित फ़ेरी सेवा के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया गया है। शहर में पूरा दिन बिताने की योजना हो, तो वाराणसी की एक-दिवसीय यात्रा-योजना से यह तय करने में मदद मिल सकती है कि किले को दूसरे पड़ावों के साथ कैसे शामिल करें।
योजना बनाते समय रामनगर रामलीला और वाराणसी के शरद ऋतु के त्योहारों को भी ध्यान में रखें। रामनगर रामलीला और वाराणसी के शरद ऋतु के त्योहारों की मार्गदर्शिका में त्योहारों के कैलेंडर की जानकारी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रामनगर किला कहाँ है?
यह वाराणसी में गंगा के पूर्वी तट पर, तुलसी घाट के सामने स्थित है।
रामनगर किले के भीतर क्या है?
परिसर में बनारस के शाही परिवार का शाही संग्रहालय, एक खगोलीय घड़ी और कई हिंदू देवी-देवताओं को समर्पित मंदिर हैं।
संग्रहालय घूमने के लिए कितना समय रखें?
म्यूज़ियम ऑफ़ इंडिया के अनुसार, संग्रहालय देखने में 3–4 घंटे लग सकते हैं।
क्या संग्रहालय के भीतर तस्वीरें ले सकते हैं?
फ़ोटोग्राफ़ी की अनुमति नहीं है और वीडियो बनाना भी मना है।
