दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती, उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा किनारे होने वाला शाम का समारोह है। पुजारी ऊँचे मंचों पर आरती करते हैं। आप इसे घाट से या नदी के किनारे खड़ी नावों से देख सकते हैं।
- स्थान: वाराणसी में गंगा किनारे दशाश्वमेध घाट।
- होटल से दूरी: घाट होटल पद्मिनी इंटरनेशनल से लगभग 2.7 किमी दूर है।
- अवधि: समारोह 45 मिनट चलता है।
- खुलने का समय: 24 घंटे खुला

समारोह कहाँ होता है
दशाश्वमेध घाट गंगा किनारे स्थित घाट है, जो काशी विश्वनाथ मंदिर के पास है। शाम की आरती का नेतृत्व Gangotri Seva Samiti के मुख्य पुजारी करते हैं। पुजारी पाँच ऊँचे मंचों पर आरती करते हैं। समारोह 45 मिनट चलता है।
घाट से जुड़ी एक पौराणिक कथा के अनुसार, ब्रह्मा ने शिव के कहने पर यहाँ दस अश्वमेध यज्ञ किए थे। यह कथा इस स्थान से जुड़ी पारंपरिक मान्यता है, न कि इसके इतिहास की पुष्ट व्याख्या।

कब पहुँचें और क्या जाँचें
प्रकाशित समय अलग-अलग हैं: गैर-आधिकारिक मार्गदर्शिकाओं के अनुसार, सर्दियों में आरती लगभग 6:00 p.m. और गर्मियों में लगभग 7:00 p.m. पर होती है। अपनी यात्रा की योजना बनाने के लिए आप वाराणसी के मौसम और यात्रा की योजना से जुड़ी इस मार्गदर्शिका की मदद भी ले सकते हैं।
घाट दिन के 24 घंटे खुला रहता है, लेकिन इससे आरती का समय तय नहीं होता। योजना बनाने से पहले दर्शन की व्यवस्था, शुल्क, बैठने की जगह, फ़ोटोग्राफ़ी या सुरक्षा संबंधी ज़रूरतों की मौजूदा जानकारी जाँच लें। जाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट देखें।

घाट और नदी से आरती देखना
आप गंगा आरती घाट से या नदी के किनारे खड़ी नावों से देख सकते हैं। नाव पर चढ़ने की मौजूदा व्यवस्था और सुरक्षा निर्देशों की पुष्टि नहीं है, इसलिए नाव चुनने से पहले स्थानीय स्तर पर जानकारी ले लें।
पत्तों की छोटी थालियों पर रखे दीप नदी किनारे के अनुभव का हिस्सा हैं। अगर आप इन्हें शामिल करना चाहते हैं, तो किसी खास व्यवस्था को तय मानने के बजाय घाट पर उपलब्ध मौजूदा विकल्पों के बारे में पूछ लें।

पहुँच, भीड़ और सम्मानजनक व्यवहार
जाने से पहले पहुँच संबंधी मौजूदा व्यवस्थाएँ जाँच लें, खासकर अगर आपको सीढ़ियों के बिना रास्ते या चलने-फिरने में सहायता की ज़रूरत हो। घाट पर पहुँच, सार्वजनिक बैठने की जगहों के नियम और आरती से जुड़ी पाबंदियों की जानकारी उपलब्ध नहीं है, इसलिए स्थानीय कर्मचारियों के मौजूदा निर्देशों का पालन करें।
वहाँ पहुँचकर फ़ोटोग्राफ़ी और सुरक्षा के नियमों की पुष्टि करें। यात्रा की व्यावहारिक जानकारी के लिए वाराणसी में आने-जाने का तरीका भी देखें।
आरती के साथ घाट पर सैर
घाट पर टहलने से स्थानीय रीति-रिवाज़ और संस्कृति देखने का अवसर मिलता है। पास के दर्शनीय स्थलों में मणिकर्णिका घाट भी शामिल है। आरती 45 मिनट चलती है और घाट पूरे दिन खुला रहता है, इसलिए आप आरती से अलग समय पर भी सैर की योजना बना सकते हैं।
अगर आप नदी किनारे की सैर को पूरे दिन की योजना में शामिल कर रहे हैं, तो वाराणसी की एक दिन की यात्रा योजना से बाकी जगहों का क्रम तय करने में मदद मिल सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दशाश्वमेध घाट की आरती कितनी देर चलती है?
समारोह 45 मिनट चलता है।
गंगा आरती कहाँ से देख सकते हैं?
आप इसे घाट से या नदी के किनारे खड़ी नावों से देख सकते हैं। नाव चुनने से पहले मौजूदा व्यवस्था की पुष्टि कर लें।
शाम की आरती किस समय शुरू होती है?
प्रकाशित समय अलग-अलग हैं। गैर-आधिकारिक मार्गदर्शिकाओं के अनुसार, सर्दियों में आरती लगभग 6:00 p.m. और गर्मियों में लगभग 7:00 p.m. पर शुरू होती है। जाने से पहले मौजूदा समय की पुष्टि कर लें।
क्या दशाश्वमेध घाट पूरे दिन खुला रहता है?
24 घंटे खुला। हाँ। घाट दिन के 24 घंटे खुला रहता है, लेकिन इससे आरती का समय पता नहीं चलता।
